मध्यप्रदेश मदरसा बोर्ड, म.प्र. शासन स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय के अधीन एक निगमित इकाई है जिसका गठन मध्यप्रदेश शासन द्वारा विधान सभा में अधिनियम क्रमांक 31/1998 पारित कर किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य शैक्षिक रूप से पिछड़े अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय को शिक्षा की मुख्य धारा मे लाना है। इस हेतु बोर्ड द्वारा सर्वप्रथम ऐसे पारंपरिक मदरसों को जोड़ा गया जिनके विद्यार्थी केवल धार्मिक शिक्षा प्राप्त कर रहे थे। वर्तमान मे सम्पूर्ण मध्यप्रदेश मे मदरसा बोर्ड से ऐसे 2800 मदरसे संबद्धता प्राप्त है।
अल्पसंख्यक शिक्षा का विस्तार करने के लिए बोर्ड द्वारा अपने कार्यक्षेत्र का भी विस्तार किया गया है। समस्त अल्पसंख्यक समुदायों के लिए मध्यप्रदेश मदरसा बोर्ड अब NIOS के पैटर्न पर खुली शिक्षा प्रणाली के अंतर्गत माध्यमिक स्तर की परीक्षा का आयोजन करने जा रहा है। यह परीक्षा तीनों माध्यमों (हिन्दी,अंग्रेज़ी एवं उर्दू ) मे आयोजित कराई जाएंगी। इस परीक्षा मे 14 वर्ष से अधिक आयु के अल्पसंख्यक वर्ग सम्मिलित हो सकेंगे। बोर्ड द्वारा इस कार्यक्रम की अनुमति मध्यप्रदेश शासन, स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय से विधिवत प्रस्ताव प्रेषित कर प्राप्त की गयी है। यह कार्यक्रम विशेष रूप से नव साक्षर लड़कियों/महिलाओं, औपचारिक स्कूली शिक्षा के dropouts के लिए तैयार किया गया है। इसके माध्यम से यह वर्ग भी शिक्षा की मुख्य धारा मे शामील हो सकेगा ओर केन्द्र एवं राज्य शासन की कौशल विकास योजनाओ का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।